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गणित कक्षा 10 – अध्याय 14: प्रायिकता – विस्तृत नोट्स | विस्तृत अध्ययन

Posted on April 7, 2026 by Anshul Gupta

गणित (Mathematics) कक्षा 10 – अध्याय 14: प्रायिकता (Probability)

Table of Content
  • 1. गणित (Mathematics) कक्षा 10 – अध्याय 14: प्रायिकता (Probability)
  • 2. प्रायिकता की बुनियादी बातें (Basics of Probability)
  • 3. विभिन्न प्रकार की घटनाएँ (Different Types of Events)
    • 3.1. निश्चित घटना (Certain Event)
    • 3.2. असंभव घटना (Impossible Event)
    • 3.3. सरल घटना (Simple Event)
    • 3.4. संयुक्त घटना (Compound Event)
  • 4. प्रायिकता की गणना (Calculating Probability)
  • 5. प्रायिकता के नियम (Rules of Probability)
    • 5.1. योग नियम (Addition Rule)
    • 5.2. गुणन नियम (Multiplication Rule)
  • 6. उदाहरण और समस्याएं (Examples and Problems)
    • 6.1. उदाहरण 1: सिक्के का उछाल
    • 6.2. उदाहरण 2: पासे का फेंकना
    • 6.3. उदाहरण 3: ताश के पत्ते
  • 7. प्रायिकता का अनुप्रयोग (Applications of Probability)
  • 8. प्रायिकता और सांख्यिकी (Probability and Statistics)
  • 9. संबंधित अवधारणाएँ (Related Concepts)
    • 9.1. प्रतिस्थापन के साथ और बिना प्रतिस्थापन के चयन (Selection with and without Replacement)
    • 9.2. बयान की प्रायिकता (Probability of an Event)
  • 10. प्रायिकता का इतिहास (History of Probability)
  • 11. प्रायिकता में प्रमुख व्यक्ति (Key Figures in Probability)
  • 12. प्रायिकता का महत्व (Importance of Probability)
  • 13. सारांश (Summary)
  • 14. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
    • 14.1. प्रश्न 1: प्रायिकता क्या है?
    • 14.2. प्रश्न 2: प्रायिकता की गणना कैसे की जाती है?
    • 14.3. प्रश्न 3: क्या प्रायिकता 1 से अधिक हो सकती है?
    • 14.4. प्रश्न 4: योग नियम क्या है?
    • 14.5. प्रश्न 5: गुणन नियम क्या है?
  • 15. निष्कर्ष (Conclusion)

नमस्ते! इस अध्ययन सामग्री में, हम कक्षा 10 के गणित के अध्याय 14, प्रायिकता (Probability) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। प्रायिकता, संभावनाओं का अध्ययन है। यह हमें यह समझने में मदद करता है कि किसी घटना के घटित होने की कितनी संभावना है। हम इस अध्याय में प्रायिकता के मूल सिद्धांतों, विभिन्न प्रकार की घटनाओं, और उनसे संबंधित समस्याओं को हल करने के तरीकों के बारे में जानेंगे। यह अध्याय आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह जीवन के कई पहलुओं में उपयोगी है, जैसे खेल, मौसम का पूर्वानुमान, और वित्तीय योजना।

इस अध्ययन सामग्री में, हम निम्नलिखित विषयों पर चर्चा करेंगे:

  • प्रायिकता की बुनियादी बातें: प्रायिकता क्या है, इसकी परिभाषा और मूल अवधारणाएँ।
  • घटनाएँ: विभिन्न प्रकार की घटनाएँ – निश्चित, असंभव, सरल, संयुक्त।
  • प्रायिकता की गणना: घटनाओं की प्रायिकता की गणना कैसे करें, इसके सूत्र और तरीके।
  • प्रायिकता के नियम: योग नियम और गुणन नियम।
  • उदाहरण और समस्याएँ: विभिन्न उदाहरणों और समस्याओं को हल करना।
  • प्रायिकता का अनुप्रयोग: दैनिक जीवन में प्रायिकता का उपयोग।

प्रायिकता की बुनियादी बातें (Basics of Probability)

प्रायिकता (Probability) किसी घटना के घटित होने की संभावना का माप है। यह हमें बताता है कि कोई घटना कितनी बार हो सकती है। प्रायिकता को 0 और 1 के बीच एक संख्या के रूप में व्यक्त किया जाता है।

परिभाषा:
प्रायिकता एक संख्या है जो किसी घटना के घटित होने की संभावना को दर्शाती है। इसकी गणना अनुकूल परिणामों की संख्या को कुल संभावित परिणामों की संख्या से विभाजित करके की जाती है।

प्रायिकता को समझने के लिए, हमें कुछ बुनियादी शब्दों को समझना होगा:

  • प्रयोग (Experiment): एक ऐसी प्रक्रिया जिसके परिणाम होते हैं। उदाहरण के लिए, एक सिक्के को उछालना या एक पासे को फेंकना।
  • परिणाम (Outcome): प्रयोग का संभावित परिणाम। उदाहरण के लिए, सिक्के को उछालने पर ‘चित’ या ‘पट’ आना।
  • प्रतिदर्श समष्टि (Sample Space): प्रयोग के सभी संभावित परिणामों का समूह। उदाहरण के लिए, एक पासे को फेंकने पर प्रतिदर्श समष्टि {1, 2, 3, 4, 5, 6} होती है।
  • घटना (Event): प्रयोग के कुछ परिणामों का समूह। उदाहरण के लिए, पासे पर एक सम संख्या आना।

प्रायिकता की गणना का सूत्र इस प्रकार है:

प्रायिकता (घटना) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल संभावित परिणामों की संख्या)

उदाहरण के लिए, यदि हम एक सिक्के को उछालते हैं, तो ‘चित’ आने की प्रायिकता 1/2 है, क्योंकि कुल दो परिणाम हैं (चित और पट) और चित आने का एक अनुकूल परिणाम है।

विभिन्न प्रकार की घटनाएँ (Different Types of Events)

प्रायिकता में, विभिन्न प्रकार की घटनाएँ होती हैं। इन घटनाओं को समझना आवश्यक है क्योंकि वे प्रायिकता की गणना को प्रभावित करती हैं।

निश्चित घटना (Certain Event)

निश्चित घटना वह घटना है जो निश्चित रूप से घटित होती है। इसकी प्रायिकता 1 होती है।

उदाहरण: यदि हम एक पासे को फेंकते हैं, तो 1 से 6 तक की कोई संख्या आना एक निश्चित घटना है।

असंभव घटना (Impossible Event)

असंभव घटना वह घटना है जो कभी घटित नहीं हो सकती। इसकी प्रायिकता 0 होती है।

उदाहरण: यदि हम एक पासे को फेंकते हैं, तो 7 आना एक असंभव घटना है क्योंकि पासे पर 7 नहीं होता है।

सरल घटना (Simple Event)

सरल घटना एक ऐसी घटना है जिसमें केवल एक परिणाम होता है।

उदाहरण: एक सिक्के को उछालने पर ‘चित’ आना एक सरल घटना है।

संयुक्त घटना (Compound Event)

संयुक्त घटना एक ऐसी घटना है जिसमें दो या दो से अधिक सरल घटनाएँ शामिल होती हैं।

उदाहरण: एक पासे को दो बार फेंकने पर दोनों बार सम संख्या आना एक संयुक्त घटना है।

⚠️ महत्वपूर्ण
  • निश्चित घटना की प्रायिकता 1 होती है।
  • असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
  • प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच होती है (0 ≤ P(E) ≤ 1)।

प्रायिकता की गणना (Calculating Probability)

प्रायिकता की गणना करना एक महत्वपूर्ण कौशल है। हम प्रायिकता की गणना करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करते हैं:

  1. पहचान करें: घटना को पहचानें जिसकी प्रायिकता हमें ज्ञात करनी है।
  2. परिणामों की पहचान करें: प्रयोग के सभी संभावित परिणामों को लिखें।
  3. अनुकूल परिणामों की पहचान करें: घटना के लिए अनुकूल परिणामों की पहचान करें।
  4. सूत्र लागू करें: प्रायिकता सूत्र का उपयोग करें: P(E) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल संभावित परिणामों की संख्या)

उदाहरण के लिए, एक थैले में 3 लाल गेंदें और 2 नीली गेंदें हैं। यदि हम एक गेंद निकालते हैं, तो लाल गेंद निकालने की प्रायिकता क्या है?

  1. घटना: लाल गेंद निकालना।
  2. परिणाम: कुल गेंदें = 3 लाल + 2 नीली = 5 गेंदें।
  3. अनुकूल परिणाम: लाल गेंदें = 3।
  4. सूत्र: P(लाल गेंद) = 3/5 = 0.6

इसलिए, लाल गेंद निकालने की प्रायिकता 0.6 है.

प्रायिकता के नियम (Rules of Probability)

प्रायिकता के कुछ महत्वपूर्ण नियम हैं जो हमें जटिल घटनाओं की प्रायिकता की गणना करने में मदद करते हैं।

योग नियम (Addition Rule)

योग नियम हमें दो या दो से अधिक परस्पर अनन्य घटनाओं (mutually exclusive events) की प्रायिकता ज्ञात करने में मदद करता है। परस्पर अनन्य घटनाएँ वे घटनाएँ हैं जो एक साथ घटित नहीं हो सकतीं।

यदि A और B दो परस्पर अनन्य घटनाएँ हैं, तो:

P(A या B) = P(A) + P(B)

उदाहरण के लिए, एक पासे को फेंकने पर 2 या 3 आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  • P(2) = 1/6
  • P(3) = 1/6
  • P(2 या 3) = 1/6 + 1/6 = 2/6 = 1/3

गुणन नियम (Multiplication Rule)

गुणन नियम हमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र घटनाओं (independent events) की प्रायिकता ज्ञात करने में मदद करता है। स्वतंत्र घटनाएँ वे घटनाएँ हैं जो एक दूसरे को प्रभावित नहीं करती हैं।

यदि A और B दो स्वतंत्र घटनाएँ हैं, तो:

P(A और B) = P(A) * P(B)

उदाहरण के लिए, एक सिक्के को दो बार उछालने पर दोनों बार चित आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  • P(चित) = 1/2
  • P(चित) = 1/2
  • P(चित और चित) = 1/2 * 1/2 = 1/4

उदाहरण और समस्याएं (Examples and Problems)

आइए, कुछ उदाहरणों और समस्याओं को हल करके प्रायिकता को और बेहतर ढंग से समझें।

उदाहरण 1: सिक्के का उछाल

एक सिक्के को एक बार उछाला जाता है। चित आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

  • कुल परिणाम: 2 (चित, पट)
  • अनुकूल परिणाम: 1 (चित)
  • प्रायिकता: P(चित) = 1/2 = 0.5

उदाहरण 2: पासे का फेंकना

एक पासे को एक बार फेंका जाता है। 3 आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

  • कुल परिणाम: 6 (1, 2, 3, 4, 5, 6)
  • अनुकूल परिणाम: 1 (3)
  • प्रायिकता: P(3) = 1/6

उदाहरण 3: ताश के पत्ते

एक ताश की गड्डी में से एक पत्ता निकाला जाता है। एक इक्का (Ace) आने की प्रायिकता ज्ञात कीजिए।

  • कुल परिणाम: 52 (कुल पत्ते)
  • अनुकूल परिणाम: 4 (इक्के)
  • प्रायिकता: P(इक्का) = 4/52 = 1/13
📝 अभ्यास प्रश्न
  • एक थैले में 5 लाल और 7 नीली गेंदें हैं। एक लाल गेंद निकालने की प्रायिकता क्या है?
  • एक पासे को फेंका जाता है। एक सम संख्या आने की प्रायिकता क्या है?
  • एक सिक्के को दो बार उछाला जाता है। कम से कम एक बार चित आने की प्रायिकता क्या है?

प्रायिकता का अनुप्रयोग (Applications of Probability)

प्रायिकता का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। यहाँ कुछ उदाहरण दिए गए हैं:

  • मौसम का पूर्वानुमान: मौसम विज्ञानी प्रायिकता का उपयोग करके बारिश, तापमान और अन्य मौसम की घटनाओं की संभावना का अनुमान लगाते हैं।
  • खेल: खेल में, प्रायिकता का उपयोग खिलाड़ियों की सफलता की संभावना, टीम के जीतने की संभावना आदि का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।
  • वित्तीय योजना: वित्तीय सलाहकार निवेशों के जोखिम और लाभ का विश्लेषण करने के लिए प्रायिकता का उपयोग करते हैं।
  • बीमा: बीमा कंपनियां विभिन्न घटनाओं की संभावना का आकलन करने और प्रीमियम निर्धारित करने के लिए प्रायिकता का उपयोग करती हैं।
  • चिकित्सा: चिकित्सा में, प्रायिकता का उपयोग बीमारियों के निदान और उपचार की प्रभावकारिता का अनुमान लगाने के लिए किया जाता है।

प्रायिकता और सांख्यिकी (Probability and Statistics)

प्रायिकता और सांख्यिकी (Statistics) आपस में जुड़े हुए हैं। सांख्यिकी डेटा का अध्ययन है, जबकि प्रायिकता उन घटनाओं की संभावना का अध्ययन है जो डेटा उत्पन्न करती हैं।

सांख्यिकी में, हम डेटा का विश्लेषण करते हैं और निष्कर्ष निकालते हैं। प्रायिकता, सांख्यिकी को इन निष्कर्षों के बारे में अनिश्चितता को समझने में मदद करती है।

प्रायिकता और सांख्यिकी के बीच संबंध
प्रायिकता
↔संबंधित है
डेटा
↔से विश्लेषण होता है
सांख्यिकी

संबंधित अवधारणाएँ (Related Concepts)

प्रायिकता से संबंधित कुछ अन्य महत्वपूर्ण अवधारणाएँ हैं:

प्रतिस्थापन के साथ और बिना प्रतिस्थापन के चयन (Selection with and without Replacement)

जब हम किसी वस्तु का चयन करते हैं, तो हम उसे वापस रख सकते हैं (प्रतिस्थापन के साथ) या नहीं रख सकते (बिना प्रतिस्थापन के)। यह प्रायिकता की गणना को प्रभावित करता है।

उदाहरण के लिए, एक थैले में 3 लाल और 2 नीली गेंदें हैं।

  • प्रतिस्थापन के साथ: यदि हम एक गेंद निकालते हैं, उसे वापस रखते हैं, और फिर दूसरी गेंद निकालते हैं, तो दोनों बार लाल गेंद निकालने की प्रायिकता अलग होगी।
  • बिना प्रतिस्थापन के: यदि हम एक गेंद निकालते हैं और उसे वापस नहीं रखते हैं, तो दूसरी गेंद निकालने की प्रायिकता पहली गेंद के रंग पर निर्भर करेगी।

बयान की प्रायिकता (Probability of an Event)

किसी घटना की प्रायिकता की गणना करने के लिए, हमें पहले उस घटना को परिभाषित करना होगा। फिर, हम अनुकूल परिणामों की संख्या को कुल संभावित परिणामों की संख्या से विभाजित करते हैं।

उदाहरण के लिए, एक पासे को फेंकने पर 4 से अधिक संख्या आने की प्रायिकता ज्ञात करें।

  • घटना: 4 से अधिक संख्या आना (5 या 6)
  • अनुकूल परिणाम: 2 (5, 6)
  • कुल परिणाम: 6 (1, 2, 3, 4, 5, 6)
  • प्रायिकता: P(4 से अधिक) = 2/6 = 1/3

प्रायिकता का इतिहास (History of Probability)

प्रायिकता का विकास सदियों से हुआ है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण घटनाएँ दी गई हैं:

प्रायिकता में प्रमुख व्यक्ति (Key Figures in Probability)

प्रायिकता के विकास में कई व्यक्तियों का योगदान रहा है।

प्रायिकता में प्रमुख व्यक्ति
ब्लेज़ पास्कल (1623-1662)
फ्रांसीसी गणितज्ञ, भौतिक विज्ञानी, आविष्कारक, लेखक और दार्शनिक। उन्होंने पियरे डी फर्मेट के साथ मिलकर प्रायिकता के क्षेत्र में शुरुआती काम किया। उन्होंने संभावना और संयोग के बारे में विचार विकसित किए।
↓
पियरे डी फर्मेट (1601-1665)
फ्रांसीसी वकील और शौकिया गणितज्ञ। पास्कल के साथ पत्रों के माध्यम से प्रायिकता के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने प्रायिकता के प्रारंभिक सिद्धांतों को विकसित करने में मदद की।
जैकोब बर्नोली (1655-1705)
स्विस गणितज्ञ और वैज्ञानिक। उन्होंने प्रायिकता सिद्धांत में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने बड़ी संख्याओं के नियम को प्रतिपादित किया।
अब्राहाम डी मोइवर (1667-1754)
फ्रांसीसी गणितज्ञ। उन्होंने प्रायिकता सिद्धांत में योगदान दिया, जिसमें केंद्रीय सीमा प्रमेय भी शामिल है। उन्होंने बीमांकिक विज्ञान और सांख्यिकी में भी काम किया।

प्रायिकता का महत्व (Importance of Probability)

प्रायिकता का हमारे जीवन में बहुत महत्व है।

  • निर्णय लेना: यह हमें विभिन्न परिस्थितियों में सूचित निर्णय लेने में मदद करता है।
  • जोखिम का प्रबंधन: यह हमें जोखिमों का आकलन करने और उन्हें प्रबंधित करने में मदद करता है।
  • भविष्यवाणी करना: यह हमें भविष्य की घटनाओं की भविष्यवाणी करने में मदद करता है।
  • समस्या समाधान: यह हमें जटिल समस्याओं को हल करने के लिए एक तार्किक दृष्टिकोण प्रदान करता है।
  • आंकड़ों का विश्लेषण: यह हमें डेटा का विश्लेषण करने और निष्कर्ष निकालने में मदद करता है।

सारांश (Summary)

इस अध्याय में, हमने प्रायिकता की बुनियादी बातों, विभिन्न प्रकार की घटनाओं, प्रायिकता की गणना, प्रायिकता के नियमों और उनके अनुप्रयोगों के बारे में सीखा।

🔑 मुख्य बिंदु
  • प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना का माप है।
  • प्रायिकता को 0 और 1 के बीच व्यक्त किया जाता है।
  • निश्चित घटना की प्रायिकता 1 होती है।
  • असंभव घटना की प्रायिकता 0 होती है।
  • हम प्रायिकता की गणना के लिए P(E) = (अनुकूल परिणामों की संख्या) / (कुल संभावित परिणामों की संख्या) सूत्र का उपयोग करते हैं।
  • योग नियम और गुणन नियम प्रायिकता की गणना में उपयोगी हैं।
  • प्रायिकता का उपयोग मौसम का पूर्वानुमान, खेल, वित्तीय योजना और बीमा जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

यहाँ प्रायिकता से संबंधित कुछ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न दिए गए हैं:

प्रश्न 1: प्रायिकता क्या है?

उत्तर: प्रायिकता किसी घटना के घटित होने की संभावना का माप है। यह हमें बताता है कि कोई घटना कितनी बार हो सकती है।

प्रश्न 2: प्रायिकता की गणना कैसे की जाती है?

उत्तर: प्रायिकता की गणना अनुकूल परिणामों की संख्या को कुल संभावित परिणामों की संख्या से विभाजित करके की जाती है।

प्रश्न 3: क्या प्रायिकता 1 से अधिक हो सकती है?

उत्तर: नहीं, प्रायिकता हमेशा 0 और 1 के बीच होती है।

प्रश्न 4: योग नियम क्या है?

उत्तर: योग नियम हमें दो या दो से अधिक परस्पर अनन्य घटनाओं की प्रायिकता ज्ञात करने में मदद करता है। P(A या B) = P(A) + P(B)।

प्रश्न 5: गुणन नियम क्या है?

उत्तर: गुणन नियम हमें दो या दो से अधिक स्वतंत्र घटनाओं की प्रायिकता ज्ञात करने में मदद करता है। P(A और B) = P(A) * P(B)।

निष्कर्ष (Conclusion)

इस अध्याय में, आपने प्रायिकता के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की है। आपने प्रायिकता की बुनियादी अवधारणाओं, विभिन्न प्रकार की घटनाओं, प्रायिकता की गणना, और प्रायिकता के नियमों के बारे में सीखा है। यह ज्ञान आपको वास्तविक जीवन की समस्याओं को हल करने और विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगा।

प्रायिकता एक उपयोगी उपकरण है जिसका उपयोग विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है। मुझे उम्मीद है कि यह अध्ययन सामग्री आपके लिए उपयोगी रही होगी। आगे भी गणित का अध्ययन करते रहें और अपनी समझ को मजबूत करें!

Category: Uncategorized

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