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कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2 – विस्तृत नोट्स | विस्तृत अध्ययन

Posted on January 28, 2026 by Anshul Gupta

कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2: क्या हमारे आसपास के पदार्थ शुद्ध हैं?

Table of Content
  • 1. कक्षा 9 विज्ञान अध्याय 2: क्या हमारे आसपास के पदार्थ शुद्ध हैं?
  • 2. पदार्थों की शुद्धता
    • 2.1. शुद्ध पदार्थ के प्रकार
  • 3. मिश्रण
    • 3.1. मिश्रणों के प्रकार
  • 4. विलयन (Solution)
    • 4.1. विलयन के गुण
    • 4.2. विलयन की सांद्रता
  • 5. निलंबन (Suspension)
    • 5.1. निलंबन के गुण
  • 6. कोलाइड (Colloid)
    • 6.1. कोलाइड के गुण
  • 7. मिश्रण से घटकों को अलग करने की विधियाँ
  • 8. तत्व, यौगिक और मिश्रण के बीच अंतर
  • 9. भौतिक और रासायनिक परिवर्तन
  • 10. धातु और अधातु
  • 11. अध्याय का सारांश
  • 12. निष्कर्ष

नमस्ते दोस्तों! कक्षा 9 विज्ञान के अध्याय 2 में आपका स्वागत है, जिसका शीर्षक है “क्या हमारे आसपास के पदार्थ शुद्ध हैं?” यह अध्याय हमें पदार्थों की शुद्धता, मिश्रणों, विलयनों, कोलाइडों और निलंबनों के बारे में सिखाता है। हम यह भी सीखेंगे कि पदार्थों को कैसे अलग किया जा सकता है। यह अध्याय हमारे दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली कई चीजों को समझने में महत्वपूर्ण है, जैसे कि पानी, दूध और हवा। तो चलिए, इस रोमांचक यात्रा को शुरू करते हैं!

पदार्थों की शुद्धता

सबसे पहले, हमें यह समझना होगा कि “शुद्ध” पदार्थ से हमारा क्या मतलब है। विज्ञान में, एक शुद्ध पदार्थ वह है जिसमें एक ही प्रकार के कण होते हैं, जैसे कि परमाणु या अणु। उदाहरण के लिए, सोना (Au) एक शुद्ध पदार्थ है क्योंकि इसमें केवल सोने के परमाणु होते हैं। इसी तरह, पानी (H₂O) एक शुद्ध पदार्थ है क्योंकि इसमें केवल पानी के अणु होते हैं।

दूसरी ओर, अशुद्ध पदार्थ में एक से अधिक प्रकार के कण होते हैं। इन्हें मिश्रण कहा जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्र का पानी एक मिश्रण है क्योंकि इसमें पानी, नमक और अन्य खनिज शामिल होते हैं।

शुद्ध पदार्थ
एक ऐसा पदार्थ जिसमें एक ही प्रकार के कण होते हैं और एक निश्चित रासायनिक संरचना होती है।

शुद्ध पदार्थ के प्रकार

शुद्ध पदार्थ दो प्रकार के होते हैं:

  • तत्व: तत्व एक ही प्रकार के परमाणुओं से बने होते हैं। उदाहरण के लिए, सोना, चांदी, ऑक्सीजन।
  • यौगिक: यौगिक दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बनते हैं। उदाहरण के लिए, पानी (हाइड्रोजन और ऑक्सीजन का संयोजन), नमक (सोडियम और क्लोरीन का संयोजन)।
याद रखने योग्य बातें
  • शुद्ध पदार्थ में एक ही प्रकार के कण होते हैं।
  • तत्व और यौगिक शुद्ध पदार्थ के दो प्रकार हैं।
  • तत्वों को और सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है।
  • यौगिकों को रासायनिक विधियों द्वारा उनके तत्वों में विभाजित किया जा सकता है।

मिश्रण

मिश्रण दो या दो से अधिक पदार्थों का भौतिक संयोजन होता है, जहाँ पदार्थ अपनी पहचान बनाए रखते हैं। मिश्रण को आसानी से अलग किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, नमक और रेत का मिश्रण एक मिश्रण है।

मिश्रणों के प्रकार

मिश्रण दो प्रकार के होते हैं:

  • समान मिश्रण (Homogeneous Mixture): एक समान मिश्रण में, मिश्रण के घटक समान रूप से वितरित होते हैं। उदाहरण के लिए, चीनी का पानी में विलयन।
  • विषम मिश्रण (Heterogeneous Mixture): एक विषम मिश्रण में, मिश्रण के घटक समान रूप से वितरित नहीं होते हैं। उदाहरण के लिए, रेत और लोहे की छीलन का मिश्रण।
समान मिश्रण
  • घटक समान रूप से वितरित होते हैं।
  • घटकों को आसानी से देखा नहीं जा सकता है।
  • उदाहरण: चीनी का पानी में विलयन।
विषम मिश्रण
  • घटक समान रूप से वितरित नहीं होते हैं।
  • घटकों को आसानी से देखा जा सकता है।
  • उदाहरण: रेत और लोहे की छीलन का मिश्रण।

विलयन (Solution)

विलयन एक समान मिश्रण है जिसमें एक विलेय (Solute) और एक विलायक (Solvent) होता है। विलेय वह पदार्थ है जो विलायक में घुल जाता है, और विलायक वह पदार्थ है जो विलेय को घोलता है। उदाहरण के लिए, चीनी का पानी में विलयन में, चीनी विलेय है और पानी विलायक है।

विलयन
दो या दो से अधिक पदार्थों का एक समान मिश्रण जिसमें विलेय विलायक में घुल जाता है।

विलयन के गुण

  • विलयन एक समान मिश्रण है।
  • विलेय के कण विलायक में समान रूप से वितरित होते हैं।
  • विलयन के कणों का आकार बहुत छोटा होता है (1 नैनोमीटर से कम)।
  • विलयन में प्रकाश का प्रकीर्णन नहीं होता है।
  • विलयन स्थिर होते हैं, अर्थात, विलेय के कण नीचे नहीं बैठते हैं।

विलयन की सांद्रता

विलयन की सांद्रता विलेय की मात्रा को विलायक या विलयन की दी गई मात्रा में व्यक्त करती है। सांद्रता को विभिन्न तरीकों से व्यक्त किया जा सकता है, जैसे कि:

  • मास प्रतिशत (Mass percentage): (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का द्रव्यमान) * 100
  • द्रव्यमान/आयतन प्रतिशत (Mass/volume percentage): (विलेय का द्रव्यमान / विलयन का आयतन) * 100

उदाहरण के लिए, यदि 20 ग्राम नमक को 100 ग्राम पानी में घोला जाता है, तो नमक का द्रव्यमान प्रतिशत होगा: (20 ग्राम / 120 ग्राम) * 100 = 16.67%

निलंबन (Suspension)

निलंबन एक विषम मिश्रण है जिसमें विलेय के कण विलायक में घुलते नहीं हैं, बल्कि निलंबित रहते हैं। निलंबन में कणों का आकार विलयन के कणों से बड़ा होता है। उदाहरण के लिए, पानी में मिट्टी का मिश्रण एक निलंबन है।

निलंबन
एक विषम मिश्रण जिसमें विलेय के कण विलायक में निलंबित रहते हैं।

निलंबन के गुण

  • निलंबन एक विषम मिश्रण है।
  • विलेय के कण विलायक में समान रूप से वितरित नहीं होते हैं।
  • निलंबन के कणों का आकार बड़ा होता है (100 नैनोमीटर से बड़ा)।
  • निलंबन में प्रकाश का प्रकीर्णन होता है।
  • निलंबन अस्थिर होते हैं, अर्थात, विलेय के कण समय के साथ नीचे बैठ जाते हैं।

कोलाइड (Colloid)

कोलाइड एक विषम मिश्रण है जिसमें विलेय के कण विलायक में समान रूप से वितरित होते हैं, लेकिन उनका आकार निलंबन और विलयन के बीच होता है। कोलाइड में कणों का आकार विलयन से बड़ा होता है, लेकिन निलंबन से छोटा होता है। उदाहरण के लिए, दूध और बादल कोलाइड हैं।

कोलाइड
एक विषम मिश्रण जिसमें विलेय के कण विलायक में समान रूप से वितरित होते हैं, लेकिन उनका आकार निलंबन और विलयन के बीच होता है।

कोलाइड के गुण

  • कोलाइड एक विषम मिश्रण है।
  • विलेय के कण विलायक में समान रूप से वितरित होते हैं।
  • कोलाइड के कणों का आकार विलयन से बड़ा होता है लेकिन निलंबन से छोटा होता है (1 से 1000 नैनोमीटर)।
  • कोलाइड में प्रकाश का प्रकीर्णन होता है (टिंडल प्रभाव)।
  • कोलाइड स्थिर होते हैं, अर्थात, विलेय के कण जल्दी से नीचे नहीं बैठते हैं।
टिंडल प्रभाव
  • टिंडल प्रभाव कोलाइड विलयनों द्वारा प्रकाश के प्रकीर्णन की घटना है।
  • जब प्रकाश की किरण कोलाइड से गुजरती है, तो प्रकाश के कणों द्वारा प्रकीर्णन के कारण किरण दिखाई देती है।
  • टिंडल प्रभाव विलयन और कोलाइड के बीच अंतर करने में मदद करता है।

मिश्रण से घटकों को अलग करने की विधियाँ

मिश्रण से घटकों को अलग करने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग किया जाता है। यहाँ कुछ सामान्य विधियाँ दी गई हैं:

  1. वाष्पीकरण (Evaporation): इस विधि का उपयोग विलायक को वाष्पित करके विलयन से विलेय को अलग करने के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, समुद्र के पानी से नमक प्राप्त करना।
  2. अपकेंद्रीकरण (Centrifugation): इस विधि का उपयोग निलंबन से भारी कणों को अलग करने के लिए किया जाता है। यह एक तेज गति से घूमने वाले उपकरण (सेंट्रीफ्यूज) का उपयोग करता है। उदाहरण के लिए, दूध से क्रीम को अलग करना।
  3. अवसादन (Sedimentation) और निथारना (Decantation): अवसादन में, भारी कण गुरुत्वाकर्षण के कारण नीचे बैठ जाते हैं। निथारना में, ऊपरी तरल को धीरे से दूसरे बर्तन में डाला जाता है। उदाहरण के लिए, पानी में मिट्टी के मिश्रण से मिट्टी को अलग करना।
  4. ऊर्ध्वपातन (Sublimation): इस विधि का उपयोग उन पदार्थों को अलग करने के लिए किया जाता है जो ठोस अवस्था से सीधे गैस अवस्था में बदल जाते हैं। उदाहरण के लिए, अमोनियम क्लोराइड और नमक के मिश्रण से अमोनियम क्लोराइड को अलग करना।
  5. क्रोमैटोग्राफी (Chromatography): इस विधि का उपयोग उन पदार्थों को अलग करने के लिए किया जाता है जिनमें विभिन्न विलेयता होती है। उदाहरण के लिए, स्याही में रंगों को अलग करना।
  6. आसवन (Distillation): यह विधि दो या दो से अधिक मिश्रणीय तरल पदार्थों को उनके क्वथनांकों के अंतर के आधार पर अलग करती है। उदाहरण के लिए, एसीटोन और पानी के मिश्रण से एसीटोन को अलग करना।
वाष्पीकरण द्वारा नमक प्राप्त करना
1समुद्र के पानी को एक बर्तन में लें।

→

2पानी को गर्म करें।

→

3पानी वाष्पित हो जाता है, और नमक बर्तन में रह जाता है।

तत्व, यौगिक और मिश्रण के बीच अंतर

तत्व, यौगिक और मिश्रण पदार्थ के विभिन्न रूप हैं। यहाँ उनके बीच के मुख्य अंतर दिए गए हैं:

विशेषतातत्वयौगिकमिश्रण
परिभाषाएक ही प्रकार के परमाणुओं से बना पदार्थ।दो या दो से अधिक तत्वों के निश्चित अनुपात में रासायनिक संयोजन से बना पदार्थ।दो या दो से अधिक पदार्थों का भौतिक संयोजन।
रासायनिक संरचनानिश्चितनिश्चितअनिश्चित
गुणएकल प्रकार के परमाणु के गुण।घटकों से अलग गुण।घटकों के गुण बरकरार रहते हैं।
अलग करने की विधिरासायनिक विधियों द्वारा और सरल पदार्थों में विभाजित नहीं किया जा सकता है।रासायनिक विधियों द्वारा तत्वों में विभाजित किया जा सकता है।भौतिक विधियों द्वारा अलग किया जा सकता है।
उदाहरणसोना (Au), ऑक्सीजन (O₂)पानी (H₂O), कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)वायु, समुद्र का पानी

भौतिक और रासायनिक परिवर्तन

पदार्थ में परिवर्तन दो प्रकार के होते हैं: भौतिक परिवर्तन और रासायनिक परिवर्तन।

भौतिक परिवर्तन
एक ऐसा परिवर्तन जिसमें पदार्थ की अवस्था, आकार या रूप बदल जाता है, लेकिन उसकी रासायनिक संरचना नहीं बदलती है।
रासायनिक परिवर्तन
एक ऐसा परिवर्तन जिसमें पदार्थ की रासायनिक संरचना बदल जाती है, और एक नया पदार्थ बनता है।
भौतिक परिवर्तन
  • अस्थायी परिवर्तन।
  • कोई नया पदार्थ नहीं बनता है।
  • रासायनिक संरचना अपरिवर्तित रहती है।
  • परिवर्तन उत्क्रमणीय हो सकता है।
  • उदाहरण: पानी का जमना, कागज फाड़ना।
रासायनिक परिवर्तन
  • स्थायी परिवर्तन।
  • नया पदार्थ बनता है।
  • रासायनिक संरचना बदल जाती है।
  • परिवर्तन आमतौर पर अनुत्क्रमणीय होता है।
  • उदाहरण: लकड़ी का जलना, भोजन का पकना।

धातु और अधातु

तत्वों को उनके गुणों के आधार पर धातुओं और अधातुओं में वर्गीकृत किया जा सकता है।

धातु
  • चमकदार होती हैं।
  • आघातवर्धनीय और तन्य होती हैं।
  • ऊष्मा और विद्युत की सुचालक होती हैं।
  • उदाहरण: लोहा, तांबा, सोना।
अधातु
  • चमकदार नहीं होती हैं (कुछ अपवाद)।
  • आघातवर्धनीय और तन्य नहीं होती हैं।
  • ऊष्मा और विद्युत की कुचालक होती हैं।
  • उदाहरण: ऑक्सीजन, सल्फर, कार्बन।

अध्याय का सारांश

इस अध्याय में, हमने सीखा:

  • पदार्थ की शुद्धता: शुद्ध पदार्थ में एक ही प्रकार के कण होते हैं, जबकि अशुद्ध पदार्थ में एक से अधिक प्रकार के कण होते हैं।
  • शुद्ध पदार्थ के प्रकार: तत्व और यौगिक।
  • मिश्रण: समान और विषम मिश्रण।
  • विलयन: विलेय और विलायक, सांद्रता।
  • निलंबन: विषम मिश्रण, कणों का आकार।
  • कोलाइड: टिंडल प्रभाव।
  • मिश्रण से घटकों को अलग करने की विधियाँ: वाष्पीकरण, अपकेंद्रीकरण, अवसादन, ऊर्ध्वपातन, क्रोमैटोग्राफी, आसवन।
  • तत्व, यौगिक और मिश्रण के बीच अंतर।
  • भौतिक और रासायनिक परिवर्तन।
  • धातु और अधातु के गुण।
मुख्य बिंदु
  • शुद्ध पदार्थ में एक ही प्रकार के कण होते हैं।
  • मिश्रण दो या दो से अधिक पदार्थों का भौतिक संयोजन होता है।
  • विलयन एक समान मिश्रण है।
  • निलंबन एक विषम मिश्रण है।
  • कोलाइड में टिंडल प्रभाव होता है।
  • विभिन्न विधियों का उपयोग करके मिश्रण से घटकों को अलग किया जा सकता है।

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि इस अध्याय ने आपको पदार्थों की दुनिया और उनकी विशेषताओं को समझने में मदद की है। अब आप जानते हैं कि हमारे आसपास के पदार्थ कैसे बने हैं, उन्हें कैसे वर्गीकृत किया जाता है, और उन्हें कैसे अलग किया जा सकता है। यह ज्ञान आपको विज्ञान और प्रौद्योगिकी की दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेगा। आगे बढ़ें और नए विचारों का पता लगाएं!

शुभकामनाएं!

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